Brief History of District Chamba – चम्बा का इतिहास

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चम्बा का इतिहास ( Brief History of District Chamba)

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ऐतिहासिक स्त्रोत एवं इतिहास,

चम्बा के राजाओं के बारे में विवरण हमें कल्हण द्वारा रचित ‘राजतरंगिणी‘ में मिलता है। उपलब्ध रिकॉर्ड में पत्थर लेख, शिला लेख तथा ताम्रपत्र लेख प्रमुख हैं। पत्थर लेख तो गुप्त काल के बाद 7वीं शताब्दी के समय के हैं। इसके अलावा शाही वंशावलियाँ भी इतिहास पर प्रकाश डालती हैं। चम्बा क्षेत्र में भद्र-साल्व, यौधेय, औदुम्बर और किरातों ने अपने प्राचीन गणतंत्रीय कबीले स्थापित किये। इण्डो-ग्रीक और शक् कुषाणों ने इन कबीलों को अपने नियंत्रण में कर उनकी शक्ति को क्षीण कर दिया। डुन क्षेत्रों को बाद में अपठाकुराई तथा राहुन के नाम से जाना गया तथा इनके शासक- ठाकुर व राजा कहलाये। रावी घाटी के ऊपरी क्षेत्रों को राणाओं से मेरूवर्मन ने जीत लिया जिसका वर्णन ‘अशाद’ (आस्था) नामक एक जागीरदार के साक्ष्यों से मिलता है जो मेरू वर्मन के अधीन था।

रावी घाटी के निचले क्षेत्र भी 10वीं एवं 11वीं शताब्दी के दौरान चम्बा राज्य के अधीन आ गए। पद्दर क्षेत्र राणाओं पर चतर सिंह ने (1664 से 1690) ने अपना अधिकार जमा लिया था। अंतिम ताम्र पत्र लेख जिसमें राणाओं का वर्णन मिलता है, वह राजा अशाटा वर्मन (1080 से 1100) के काल में जारी की गई थी। ह्वेनसाँग के अनुसार चम्बा, मण्डी और सुकेत क्षेत्र 635 के आस पास) जालंधर राज्य के अंतर्गत आते थे।

चम्बा रियासत की स्थापना,

चम्बा रियासत की स्थापना 550 में अयोध्या से आए सूर्यवंशी राजा मारू ने की थी। मारू ने भरमौर (ब्रह्मपुर) को अपनी राजधानी बनाया

आदित्य वर्मन (620 ई.)

आदित्य वर्मन का उल्लेख उसके प्रपौत्र मेरु वर्मन (680) के भरमौर शिलालेखों में मिलता है। आदित्य वर्मन पहला राजा था जिसने सर्वप्रथम अपने नाम के साथ वर्मन का उपनाम जोड़ा। कुल्लू के इतिहास में भी सबसे पुराना उल्लेख सम्भवतः आदित्य वर्मन के बारे में है। इसके बाद बाला वर्मन 640 और दिवाकर वर्मन 660 चम्बा के राजा हुए।

मेरू वर्मन (680 ईसवी)

मेरू वर्मन भरमौर का सबसे शक्तिशाली राजा हुआ। मेरू वर्मन ने वर्तमान चम्बा शहर तक अपने राज्य का विस्तार किया था। उसने कुल्लू के राजा दत्तेश्वर पाल को हराया था। मेरु वर्मन ने भरमौर में मणिमेहश मंदिर, लक्षणा देवी मंदिर, गणेश मंदिर, नरसिंह मंदिर और छतराड़ी में शक्तिदेवी के मंदिर का निर्माण करवाया। गुग्गा शिल्पी मेरू वर्मन का प्रसिद्ध शिल्पी था। गम नामक स्थान पर मिले अशाद (आस्था) ‘नामक सामंती राजा के शिला लेख में मेरू वर्मन का वर्णन मिलता है।

History Of Chamba Riyasat
History Of Chamba Riyasat

अजय वर्मन (760, ईसवी)

गद्दियों के अनुसार वह अजय वर्मन के समय दिल्ली से आकर भरमौर में बसे थे।

लक्ष्मीवर्मन (800 ईसवी)

लक्ष्मी वर्मन के समय राज्य में हैजा महामारी फैल गई जिससे बहुत लोग मारे गए। इसी समय किरातों (तिब्बतियों) ने चम्बा (ब्रह्मपुर) पर आक्रमण कर राजा को मार दिया और राज्य पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया। इस परिस्थिति का लाभ उठाकर कुल्लू के शरणार्थी राजा जरेश्वर पाल ने बुशहर रियासत की सहायता से स्वयं को स्वतंत्र करवा लिया।

Brief History of District Chamba
History of District Chamba

मुसानवर्मन (820, ईसवी)

लक्ष्मी वर्मन की मृत्यु के बाद रानी ने राज्य से भागकर एक गुफा में पुत्र को जन्म दिया। पुत्र को गुफा में छोड़कर रानी आगे बढ़ गई। वजीर और पुरोहित रानी की सच्चाई जानने के बाद जब गुफा में लौटे तो बहुत सारे चूहों को बच्चे की रक्षा करते हुए पाया।

यहीं से राजा का नाम ‘मूसान वर्मन’ रखा गया। रानी और मूसान वर्मन सुकेत के राजा के पास रहे। सुकेत के राजा ने अपनी बेटी का विवाह मूसान वर्मन से कर दिया और उसे पंगाणा की जागीर दहेज में दे दी। मूसान वर्मन ने सुकेत की सेना के साथ ब्रह्मपुर पर पुनः अधिकार कर लिया। मूसानवर्मन ने अपने शासनकाल में चूहों को मारने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

साहिल वर्मन (920, ईसवी)

साहिल वर्मन ने चम्बा शहर की स्थापना की। राजा साहिल वर्मन के दस पुत्र एवं एक पुत्री थी जिसका नाम चम्पा वती था। उसने चम्बा शहर का नाम अपनी पुत्री चम्पावती के नाम पर रखा। वह राजधानी ब्रह्मपुर से चम्बा ले गया। साहिल वर्मन की पत्नी रानी नैना देवी ने शहर में पानी की व्यवस्था के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। तब से रानी नैना देवी की याद में यहाँ प्रतिवर्ष सूही मेला मनाया जाता है। यह मेला महिलाओं और बच्चों के लिए प्रसिद्ध है। राजा साहिलवर्मन ने लक्ष्मी नारायण, चन्द्रशेखर (साहू) चन्द्रगुप्त और कामेश्वर मंदिर का निर्माण भी करवाया। युगांकर वर्मन साहिल वर्मन का सबसे बड़ा पुत्र था। साहिल वर्मन ने अपने कार्यकाल में तांबे की मुद्रा ‘चकली’ चलवाई।

साहिल वर्मन के बारे में जानकारी राजा सोम वर्मन और अस्तु वर्मन के ताम्रपत्र लेखों से मिलती है। राजा साहिल वर्मन के गुरु योगी चरपटनाथ थे। 84 साधुओं के वरदान से राजा साहिल वर्मन को भरमौर में 10 पुत्र और एक पुत्री हुई। इन साधुओं का नेता योगी चरपटनाथ था। साहिल वर्मन को कीर और तुरुष्को के दलों को हिमाचल प्रदेश से खदेड़ने का श्रेय दिया जाता है। भरमौर से चम्बा राजधानी बदलने का सुझाव राजा साहिल वर्मन को योगी चरपटनाथ ने दिया था।

History of District Chamba
History of District Chamba

युगांकर वर्मन ( 940 ईसवी.)

युगांकर वर्मन की पत्नी त्रिभुवन रेखा देवी ने भरमौर में नरसिंह मंदिर का निर्माण करवाया। युगांकर वर्मन ने चम्बा में गौरी शंकर मंदिर का निर्माण करवाया।

सलवाहन वर्मन (1040 ईसवी)

रजतरंगिणी के अनुसार कश्मीर के शासक अनन्त देव ने भरमौर पर सल वाहन वर्मन के समय में आक्रमण किया था। सलवाहन वर्मन के कार्यकाल के शिलालेख मिले हैं जिससे तिस्सा परगना और सेइकोठी का उस समय बलार (बसौली) राज्य में होने का पता चलता है।

सलवाहन वर्मन की मृत्यु अनन्त देव से लड़ते हुए हो गई थी। उसके बाद उसके पुत्र सोम वर्मन 1060 और अस्तु वर्मन1080 राजा बने। अस्तु वर्मन ने अपनी बहन वापिका का विवाह अनंतदेव के पुत्र कलश से किया था। कलश का पुत्र हर्ष बाद में कश्मीर का राजा बना।

History Of Chamba Riyasat
History Of Chamba Riyasat

जसाटा (जयष्ट ) वर्मन ( 1105 ईसवी)

जसाटा वर्मन पांगी और चुराह के लौह टिकरी शिलालेख (1114 के समय के) के अनुसार 1105 में राजा बना। पांगी और चुराह (तिस्सा) क्षेत्र उसके समय में चम्बा राज्य के भाग बन चुके थे। जसाटा वर्मन का उल्लेख 1112 में राजतरंगिणी में
भी मिला है।

जसाटा वर्मन ने कश्मीर के राजा हर्ष की लाहार वंश के सुशाला के विरुद्ध सहायता की थी। पांगी शिलालेख के अनुसार जसाटा वर्मन ने 1105 के दौरान लाहौल घाटी पर कब्जा बनाए रखा था

उदयवर्मन ( 1120 ईसवी.)

-उदयवर्मन ने कश्मीर के राजा सुशाला से अपनी दो पुत्रियों देवलेखा और तारालेखा का विवाह किया जो सुशाला की 1128 में मृत्यु के बाद सती हो गईं।

ललित वर्मन (1143 ईसवी)

ललित वर्मन के कार्यकाल के दो पत्थर लेख देवी-री कोठी और सैचुनाला (पांगी) में प्राप्त हुए हैं, जिससे पता चलता है कि तिस्सा और पांगी क्षेत्र उसके कार्यकाल में चम्बा रियासत के भाग थे। देवरी कोठी शिलालेख (1160) में राणा नागपाल ने तथा पांगी शिलालेख (1170) सलाही के पास राणा लुद्रपाल ने अंकित करवाये थे। इन दोनों शिलालेखों में ललित वर्मन को ‘महाराजाधिराज‘ लिखा हुआ था।

History of District Chamba
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विजय वर्मन (1175 ईसवी)

विजय वर्मन ने मुहम्मद गौरी के 1191 और 1192 के आक्रमणों का फायदा उठाकर कश्मीर और लद्दाख के बहुत से क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था।

गणेश वर्मन (1512 ईसवी)

गणेश वर्मन ने चम्बा राज परिवार में सर्वप्रथम ‘सिंह‘ उपाधि का प्रयोग किया था।

प्रताप सिंह वर्मन (1559 ईसवी)

1559 में गणेश वर्मन की मृत्यु के बाद प्रताप सिंह वर्मन चम्बा का राजा बना। वह अकबर का समकालीन था। चम्बा से रिहलू क्षेत्र टोडरमल द्वारा मुगलों को दिया गया। प्रताप सिंह वर्मन ने काँगड़ा के राजा चंद्रपाल को हराकर गुलेर को चम्बा रियासत में मिला लिया था।

रामपति गणेश वर्मन और प्रताप सिंह वर्मन का राजगुरु था। उसके कार्यकाल में मृकुला देवी की प्रतिमा उदयपुर-मृकुल में स्थापित की गई थी।

बलभद्र ( 1589 ईसवी)

बलभद्र एवं जनार्दन-बल भद्र बहुत दयालु और दानवीर था। लोग उसे ‘बाली कर्ण’ कहते थे। उसका पुत्र जनार्दन उन्हें गद्दी से हटाकर स्वयं गद्दी पर बैठा। जनार्दन के समय नूरपुर का राजा सूरजमल मुगलों से बचकर उसकी रियासत में छुपा था। सूरजमल के भाई जगत सिंह को मुगलों द्वारा काँगड़ा किले का रक्षक बनाया गया जो सूरजमल के बाद नूरपुर का राजा बना।

जहाँगीर के 1622 में काँगड़ा भ्रमण के दौरान चम्बा का राजा जनार्दन और उसका भाई जहाँगीर से मिलने गए। चम्बा के राजा जनार्दन और जगत सिंह के बीच धलोग में युद्ध हुआ जिसमें चम्बा की सेना की हार हुई। भिस्मबर, जनार्दन का भाई युद्ध में मारा गया। जनार्दन को भी 1623 में जगत सिंह ने धोखे से मरवा दिया।

बलभद्र को चम्बा का पुनः राजा बनाया गया। परन्तु चम्बा 20 वर्षों तक जगत सिंह के कब्जे में रहा। जगत सिंह ने बलभद्र के पुत्र होने की स्थिति में उसकी हत्या करने का आदेश दिया था। बलभद्र को पृथ्वी सिंह नाम का पुत्र हुआ जिसको नरस (दाई) बाटलू बचाकर मण्डी राजघराने तक पहुंच गई।

History of District Chamba
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पृथ्वी सिंह (1641 ईसवी)

जगत सिंह ने शाहजहाँ के विरुद्ध 1641 में विद्रोह कर दिया। इस मौके का फायदा उठाते हुए पृथ्वी सिंह मण्डी और सुकेत की मदद से रोहतांग दर्रे, पांगी, चुराह को पार कर चम्बा पहुँचा। गुलेर के राजा मानसिंह जो जगत सिंह का शत्रु था उसने भी पृथ्वी सिंह की मदद की। पृथ्वी सिंह ने. बसौली के राजा संग्राम पाल को भलेई तहसील देकर उससे गठबंधन किया।

पृथ्वी सिंह ने अपना राज्य पाने के बाद चुराह और पांगी में राज अधिकारियों के लिए कोठी बनाई। पृथ्वी सिंह और संग्राम पाल के बीच भलेई तहसील को लेकर विवाद हुआ जिसे मुगलों ने सुलझाया। भलेई को 1648 में चम्बा को दे दिया गया। पृथ्वी सिंह मुगल बादशाह शाहजहाँ का समकालीन था। उसने शाहजहाँ के शासनकाल में 9 बार दिल्ली की यात्रा की और ‘रघुबीर’ की प्रतिमा शाहजहाँ द्वारा भेंट में प्राप्त की।

चम्बा में खजीनाग (खजियार), हिडिम्बा मंदिर (मैहला) और सीताराम मंदिर (चम्बा) का निर्माण पृथ्वी सिंह की नर्स (दाई) बाटलू ने करवाया जिसने पृथ्वी सिंह के प्राणों की रक्षा की थी।

चतर सिंह (1660 से 1690 ईसवी )

चतर सिंह ने बसौली पर आक्रमण कर वहाँ के राजा संग्रामपाल से भलेई परगना जीत लिया। चतर सिंह ने औरंगजेब के 1678 के सभी हिन्दू मंदिरों को नष्ट करने का आदेश मानने से इंकार कर दिया और उल्टे मंदिरों पर कलश चढ़ाए जो आज भी विद्यमान हैं।

उसने अपने छोटे भाई शक्ति सिंह को औरंगजेब से मिलने भेजा परंतु वह भी बजवाड़ा से वापिस लौट आया। चतर सिंह ने गुलेर के राज सिंह, बसौली के धीरजपाल और जम्मू के कृपाल देव के साथ मिलकर पंजाब के सूबेदार मिर्जा रियाजबेग को हराया।

History of District Chamba
वर्तमान चम्बा

उदय सिंह (1690-1720 ई.)

उगर सिंह (1720), दलेल सिंह (1735)-चतर सिंह के पुत्र राजा उदय सिंह ने अपने चाचा वजीर जय सिंह की मृत्यु के बाद एक नाई को उसकी पुत्री के प्रेम में पड़कर चम्बा का वजीर नियुक्त कर दिया। उदय सिंह के बाद 1720 में जम्मू के राजा ध्रुवदेव की सहायता से उसका पुत्र उगर सिंह राजा बना। उगर सिंह के बाद उसका चचेरा भाई दलेल सिंह राजा बना।

उम्मेद सिंह ( 1748 ईसवी )

उम्मेद सिंह के शासन काल में चम्बा राज्य मण्डी की सीमा तक फैल गया। उम्मेद सिंह का पुत्र राज सिंह राजनगर में पैदा हुआ। उम्मेद सिंह ने राजनगर में ‘नाडा महल’ बनवाया। रंगमहल (चम्बा) की नींव भी उम्मेद सिंह ने रखी थी। उसने अपनी मृत्यु के बाद रानी के सती न होने का आदेश छोड़ रखा था। उम्मेद सिंह की 1764 में युद्ध के दौरान ज्वालामुखी में मृत्यु हो गई।

History of District Chamba
चम्बा 2020

राज सिंह (1764 से 1794 ईसवी)

राज सिंह अपने पिता की मृत्यु के बाद 9 वर्ष की आयु में राजा बना। घमण्ड चंद ने पथियार को चम्बा से छीन लिया। परन्तु रानी ने जम्मू के रणजीत सिंह की मदद से इसे पुनः प्राप्त कर लिया। चम्बा के राजा राजसिंह और काँगड़ा के राजा संसार चंद के बीच रिहलू क्षेत्र पर कब्जे के लिए युद्ध हुआ।

राजा राज सिंह की शाहपुर के पास 1794 में युद्ध के दौरान मृत्यु हो गई। निक्का, रांझा, छज्जू और हरकू
राजसिंह के दरबार के निपुण कलाकार थे। राज सिंह की मृत्यु 1794 में अजीत सिंह पूर्बिया की तलवार सिर पर लगने से हुई थी। चम्बा के राजा राजसिंह और काँगड़ा के राजा संसार चंद ने 1788 में शाहपुर में संधि की थी।

जीत सिंह (1794 ईसवी)

जीत सिंह के समय चम्बा राज्य ने नाथू वजीर को संसार चंद के खिलाफ युद्ध में सैनिकों के साथ भेजा। नाथू वजीर गोरखा अमर सिंह थापा, बिलासपुर के महान चंद आदि के अधीन युद्ध लड़ने गया था।

चढ़त सिंह (1808 ईसवी)

चढ़त सिंह 6 वर्ष की आयु में राजा बना। नाथू वजीर राजकाज देखता था रानी शारदा (चढ़त सिंह की माँ) ने 1825 में राधा कृष्ण मंदिर की स्थापना की। पद्दर के राज अधिकारी रतनू ने 1820 से 1825 में जास्कर पर आक्रमण कर उसे चम्बा का भाग बनाया था। 1838 में नाथू वजीर की मृत्यु के बाद ‘वजीर भागा’ चम्बा का वजीर नियुक्त किया गया। 1839 में विग्ने और जनरल कनिंघम ने चम्बा की यात्रा की।

चढ़त सिंह की 42 वर्ष की आयु में 1844 में मृत्यु हो गई। विग्ने चम्बा आने वाले प्रथम यूरोपियन थेचम्बा में अंतिम बार सती प्रथा का पालन 1844 में चढ़त (चरहट) सिंह की मृत्यु के समय किया गया।

श्री सिंह (1844 ईसवी)

चढ़त सिंह की मृत्यु के बाद उसका सबसे बड़ा पुत्र श्री सिंह 5 वर्ष की आयु में गद्दी पर बैठा। श्री सिंह की माँ (कटोच- राजकुमारी) अपने मंत्री वजीर भागा की सहायता से राज्य का कार्यभार चलाती थी। लक्कड़शाह (नारायणशाह) ब्राह्मण श्री सिंह के समय प्रशासन पर नियंत्रण किये हुए था उसने अपनी मुद्रा लकड़शाही भी चलाई। उसकी साहू घाटी के ‘बेलज’ में हत्या कर दी गई।

अंग्रेज सिख युद्ध के बाद 9 मार्च, 1846 की संधि द्वारा व्यास और सतलुज के बीच के क्षेत्र अंग्रेजों को मिल गए। इसके बाद 16 मार्च, 1846 की एक और संधि द्वारा रावी और सिंधु नदियों के बीच के क्षेत्र जम्मू के राजा गुलाब सिंह को देने का फैसला हुआ जिसका चम्बा ने विरोध किया क्योंकि वह भी इस क्षेत्र में आता था। वजीर भागा के प्रयासों से सर हेनरी लॉरेंस ने चम्बा की स्वतंत्रता बनाये रखी बदले में भद्रवाह क्षेत्र गुलाब सिंह को दिया गया। चम्बा अग्रेजी शासन के आधिपत्य में आ गया जिस पर 12000 रुपये वार्षिक राज्यकर लगाया गया।

6 अप्रैल, 1848 में अंग्रेजों ने श्री सिंह को सनद प्रदान की जिसके द्वारा चम्बा को उसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी के लिए प्रदान किया।  इस सनद में संतानहीन राजा के भाई को उत्तराधिकारी बनाने का प्रावधान था। वर्ष 1862 की सनद में राजा को गोद लेने का अधिकार भी दे दिया गया। 1857 के विद्रोह में श्री सिंह ने अंग्रेजों का साथ दिया। उसने मियाँ अवतार सिंह के अधीन डल्हौजी में अंग्रेजों की सहायता के लिए सेना भेजी। वजीर भागा 1854 में सेवानिवृत हो गया और उसका स्थान वजीर बिल्लू ने ले लिया।

वर्ष 1863 को राजा श्री सिंह की प्रशासन में मदद के लिए मेजर ब्लेयर रीड को चम्बा का प्रबंधक (सुपरिन्टेन्डेन्ट) नियुक्त किया गया। मेजर ब्लेयर रौंड ने कई सुधार किए जिससे राज्य की आय 1870 तक 1,73,000 हो गई। मेजर ब्लेयर रीड ने पी.डब्ल्यू.डी. विभाग स्थापित कर चम्बा को दुर्गम क्षेत्रों से जोड़ा। चम्बा और खजियार में डाक बंगले और राजा के लिए जंदरीघाट में 1870 से 1871 में एक महल बनवाया गया।

चम्बा में 1863 में एक डाकघर खोला गयाचम्बा में एक स्कूल खोला गया। वर्ष 1864 में चम्बा की वन सम्पदा 99 वर्ष के लिए पट्टे पर अंग्रेजों को दे दी गई जिससे 22 हजार रुपये वार्षिक होने लगी। 1866 में चम्बो में एक अस्पताल खोला गया। वर्ष 1870 में 32 वर्ष की आयु में श्री सिंह की मृत्यु हो गई। श्री सिंह का कोई पुत्र नहीं था अतः 1848 की सनद द्वारा उसके छोटे भाई गोपाल सिंह को 1870 में मेजर ब्लेयर रीड ने गद्दी पर बैठाया।

 गोपाल सिंह ( 1870 ईसवी )

श्री सिंह का भाई गोपाल सिंह गद्दी पर बैठा। उसने शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए कई काम किए। उसके कार्यकाल में 1871 में लाई मायो चम्बा आए। गोपाल सिंह को गद्दी से हटा 1873 में उसके बड़े बेटे शाम सिंह को राजा बनाया गया।

शाम सिंह (1873 ईसवी)

शाम सिंह को सात वर्ष की आयु में अमृतसर के कमीशनर जनरल रेनल टायलर ने चम्बा आकर 17 अक्टूबर, 1873 को गद्दी पर बैठाया। शाम सिंह के समय कर्नल ब्लेयर रीड (1874 से 77) आर.टी. वरनी (1877 से 78) और कैप्टन सी.एच.टी. मार्शल (1879 से 1885) सुपरिन्टेन्डेन्ट थे।

मियाँ अवतार सिंह (1873 से 78), गोविंदचंद (1885 से 98) तथा मियाँ भूरी सिंह (1890 से 1904) दीवान/वजीर थे। शाम सिंह के समय जनरल रेनल टायलर (1873), सर हेनरी डेविस (लेफ्टिनेंट गवर्नर, पंजाब, 1874 ) वायसराय लार्ड कर्जन एवं लेडी कर्जन (1900), सर मेकबर्थ यंग (लेफ्टिनेंट गवर्नर, पंजाब, 1901) ने चम्बा की यात्रा की।

शाम सिंह ने 1876 में इम्पीरियल दरबार तथा 1877 में दिल्ली दरबार में भाग लिया। कर्नल रीड ने 1876 में पहली बार चम्बा लैण्ड रेवेन्यू सैटलमेन्ट
(भूमि बंदोबस्त) करवाया। वर्ष 1894 में पजाब सरकार को वनों की आय का 2/3 चम्बा को देने का फैसला हुआ) वर्ष 1878 में जाने हरी को शाम सिंह का शिक्षक नियुक्त किया गया. चम्बा के महल में दरबार हॉल को C.H.T. मार्शल के नाम पर जोड़ा गया वर्ष 1850 में चम्बा में हाप्स – की खेती शुरू हुई

सर चार्ल्स एटिक्सन ने 1883 में चम्बा की यात्रा की। वर्ष 1887 को चम्बा डाक विभाग को भारतीय डाक तार विभाग से जोड़ा गया। 1881 में तिस्सा में एक डिस्पेन्सरी खोली गई। 1875 में कर्नेल रीड के अस्पताल को तोड़कर 1891 में 40 बिस्तरों का शाम सिंह अस्पताल बनाया गया।

रावी नदी पर शीतला पुल जो 1894 की बाढ़ में टूट गया था की जगह 1895 में लोहे का सस्पेंशन पुल बनाया गया। 1895 में भटियात में विद्रोह हुआ। शाम सिंह के छोटे भाई मियाँ भूरी सिंह को 1898 में वजीर बनाया गया। 1902 में शाम सिंह बीमार पड़ गए। वर्ष 1904 में भूरी सिंह को चम्बा का राजा बनाया गया।

राजा भूरी सिंह (1904 ईसवी )

12 अक्टूबर, 1904 को पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर चार्ल्स रिवाज ने भूरी सिंह को गद्दी पर बिठाया। भूरि सिंह अपने भाई शाम सिंह के समय 7 वर्ष तक दीवान/वजीर रहे थे। वर्ष 1906 में उन्हें K.C..S. (नाईटहुड) की उपाधि प्रदान की गई। वर्ष 1908 में सरकार ने वनों को पाँच वर्ष के लिए चम्बा को वापिस दे दिया। वर्ष 1908 में ‘भूरी सिंह म्यूजियम’ डॉ, फोगल के नेतृत्व में खोला गया। साल नदी पर 1910 में एक बिजलीघर का निर्माण कर चम्बा शहर को बिजली प्रदान की गई। उनके समय में सड़कों को सुधारा गया, डाक बंगले बनवाए गए। वर्ष 1905 में मिडल स्कूल को हाई स्कूल बना दिया गया। चम्बा में पुस्तकालय खोला गया। राजा भूरी सिंह ने प्रथम विश्व युद्ध में (1914 से 18) में अंग्रेजों की सहायता की। राजा भूरी सिंह की 1919 में मृत्यु हो गई जिसके बाद टिक्का राम सिंह (1919 से 35) चम्बा के राजा बने।

राजा राम सिंह (1919 से 1935)

राम सिंह को पंजाब के गवर्नर एडवर्ड मेक्लेगन ने मार्च 1920 में गद्दी पर बैठाया। राजा राम सिंह को राजकाज प्रशिक्षण देने हेतु मिस्टर E.M. एटकिंसन को नियुक्त किया गया। राजा ने चम्बा में 15 स्कूल खोले। राजा राम सिंह ने अपने भाई मियाँ केसरी सिंह को अपना वजीर नियुक्त किया।

चम्बा-नूरपुर रोड, चम्बा-भरमौर सड़क (20 मील तक), कियानी के पास रावी नदी पर अस्थाई पुल का निर्माण, मल निकासी व्यवस्था, पीने के पानी की आपूर्ति के लिए टैंक निर्माण जैसे कार्य राम सिंह के कार्यकाल में हुए। वर्ष 1935 में राजा राम सिंह की लाहौर में 45 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई जिसके बाद उनका बेटा लक्ष्मण सिंह 11 वर्ष की आयु में राजा बना। चम्बा राज्य की आय वर्ष 1935 में 9 लाख रुपये वार्षिक हो गई थी।

 राजा लक्ष्मण सिंह

राजा लक्ष्मण सिंह को 1935 में चम्बा का अन्तिम राजा बनाया गया। चम्बा रियासत 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का हिस्सा बन गई।

कुछ महत्वपूर्ण प्रशन जो चम्बा रियासत से बनते है

1. हिमाचल के किस क्षेत्र में मिंदल वासनी देवी की मान्यता है?

[HP PGT (Hindi)-Dec 2016]
(A) डोडरा क्वार
(B) पांगी
(C) सांगला
(D) राजगढ़

उत्तर- (B) पांगी

2. चम्बा रियासत की स्थापना किस समय के आसपास हुई?
[HP PGT (Pol. Sci)-Dec. 2016]

(A) 550-600 ईसवीं
(B) 400-500 ईसवीं
(C) 300-400 ईसवीं
(D) 200-300 ईसवीं

उत्तर- (A) 550-600 ईसवीं

3. “Chamba state People’s Fedration” का गठन हुआ?

[HP Asst. Prof. (CC) Economics-2016]

(A) 1942
(B) 1944
(C) 1945
(D) 1947

उत्तर- (D) 1947

4. किस मुगल सम्राट ने 1678 ईसवीं के आसपास चम्बा रियासत के सब मन्दिरों को तोड़ने का आदेश दिया?
[HP Allied Services-2016]

(A) अकबर
(B) जहाँगीर
(C) शाहजहाँ
(D) औरंगजेब

उत्तर- (D) औरंगजेब

5. चम्बा रियासत के राजा ने किस वर्ष अपनी रियासत के लगभग सारे वन पट्टे पर दे दिये?
[HP Allied Services-2016]

(A) 1837 ईसवी
(B) 1846 ईसवी
(C) 1861 ईसवी
(D) 1864 ईसवी

उत्तर- (D) 1864 ईसवी

6. चम्बा के किस राजा ने 1873 ईसवी के आसपास अपने बेटे श्याम सिंह के हक में गद्दी छोड़ दी और दस्तबरदार हो गया?
[HP Allied Services-2016]

(A) सिरी सिंह
(B) गोपाल सिंह
(C) जीत सिंह
(D) चढ़त सिंह

उत्तर- (B) गोपाल सिंह

7. योगी चरपतनाथ किसके गुरु थे?
[HP Med TET-2014]

(A) राज वर्मन के
(B) मुस्कान वर्मन के
(C) साहिल वर्मन के
(D) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (C) साहिल वर्मन के

 

8. सुभाष बाउली किस शहर/कस्बे के समीप स्थित है?
[HP ARO-2015]

(A) साहू
(B) मैहला
(D) सरोल
(C) डल्हौजी

उत्तर- (C) डल्हौजी

9. मियाँ अवतार सिंह किस रियासत के वजीर थे?
[HP DPRO-2011]

(A) कुल्लू
(B) नूरपुर
(C) चम्बा
(D) बिलासपुर

उत्तर- (C) चम्बा

10. चम्बा रियासत के किस वारिस को नर्स द्वारा बचाकर दूसरे राज्य में पहुँचाया गया क्योंकि उसे जगत सिंह से जान का खतरा था?
[HP Medical Officer-2015]

(A) जर्नादन
(B) पृथ्वी सिंह
(C) चतर सिंह
(D) उदय सिंह

उत्तर- (B) पृथ्वी सिंह

11. चम्बा आने वाले प्रथम यूरोपियन थे-

(A) विग्ने
(B) हैनरी लॉरेन्स
(C) लाई नेपियर
(D) मेजर ब्लेयर रीड

उत्तर- (A) विग्ने

12. चम्बा के किस राजा के कार्यकाल में मृकुलादेवी की प्रतिमा उदयपुर-मृकुल में स्थापित की गई थी?
[HP Lecturer Civil Engg. Polytechnic-2015]

(A) प्रताप सिंह वर्मन
(B) गणेश वर्मन
(C) वीर वर्मन
(D) आनंद वर्मन

उत्तर- (A) प्रताप सिंह वर्मन

13. चंबा के प्रकाश चंद को किस कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार दिया गया था?

(A) गायन
(B) धातु कला
(C) चित्र कला
(D) चंबा रूमाल

उत्तर- (B) धातु कला.

14. मुगल सम्राट अकबर का समकालीन चंबा का राजा कौन था?

(A) उम्मेद सिंह
(B) प्रताप सिंह बर्मन
(C) विजय वर्मन
(D) पृथ्वी सिंह

उत्तर- (B) प्रताप सिंह बर्मन

15. सुप्रसिद्ध ‘कमला नेहरू पार्क’ प्रदेश में कहाँ पर स्थित है?

(A) नाहन में
(B) डल्हौजी में
(C) शिमला में
(D) सोलन में

उत्तर- (B) डल्हौजी में

16. बकलोह नामक सैनिक छावनी स्थित है-
[HP Election Kanoongo-2013] ]

(A) शिमला में
(B) पालमपुर में
(C) चंबा में
(D) कुल्लू में

उत्तर- (C) चंबा में

17. चम्बा राज्य (रियासत) का संस्थापक कौन था?

(A) साहिल वर्मन
(B) आदित्य वर्मन
(C) विजय वर्मन
(D) मारू वर्मन

उत्तर- (D) मारू वर्मन

18. छठी शताब्दी के मध्य के आसपास ऊपरी रावी घाटी में किसने एक रियासत की स्थापना की जिसकी राजधानी ब्रह्मपुरा थी?
[HP Naib Tehsildar (Pre)-2014]

(A) राम गुप्त
(B) कुमार गुप्त
(C) कुनाल
(D) मेरू वर्मन

उत्तर- (D) मेरू वर्मन

19. चम्बा के किस राजा ने औरंगजेब के उस आदेश को ठुकरा दिया था जिसमें उसे अपने राज्य में स्थित हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त करने को कहा गया था?

(A) जगत सिंह
(B) उदय सिंह
(C) चतर सिंह
(D) पृथ्वी सिंह

उत्तर- (C) चतर सिंह

20. अपनी पुत्री ‘चम्पावती’ के नाम पर चम्बा शहर का नाम किसने रखा?
[HP TET (Art)-2012], [HP Clerk-2012]
[HP Election Kanoongo-2010]

(A) साहिल वर्मन
(B) मेरू वर्मन
(C) आदित्य वर्मन
(D) बाला वर्मन

उत्तर- (A) साहिल वर्मन

21. चम्बा के राजा राजसिंह और काँगड़ा के राजा संसार चंद ने ई. सन् 1788 में कहाँ पर संधि पर हस्ताक्षर किये थे?
[HP State Asst. (Pre)-2012]

(A) शाहपुर
(B) काँगडा
(C) चम्बा
(नाहन)

उत्तर- (A) शाहपुर

22. चम्बा शहर में प्रथम जल-विद्युत उत्पादन केन्द्र किस वर्ष में प्रारंभ हुआ?

(A) 1901 ई.
(B) 1906 ई.
(C) 1910 ई.
(D) 1920 ई.

उत्तर- (C) 1910 ई.

23. चौरासी साधु समूह के नेता के रूप में साहिल वर्मन को दस पुत्रों व एक पुत्री का पिता बनने का आशीर्वाद किसने दिया?
[HP CDPO-2014]

(A) बालकनाथ
(B) पशुपति नाथ
(C) चरपटनाथ
(D) गोरखनाथ

उत्तर- (C) चरपटनाथ

24. कीर और तुरुष्कों के दलों को हिमाचल प्रदेश से खदेड़ने का श्रेय किसे दिया जाता है?
[HP CDPO-2014]

(A) साहिलवर्मन
(B) मेरूवर्मन
(C) अजयसेन
(D) सुशर्मा

उत्तर- (A) साहिलवर्मन

25. शिला पर उत्कीर्ण एक राजाज्ञा से ज्ञात होता है कि त्रिगर्त क्षेत्र में बौद्ध भिक्षुओं के लिए एक विहार का निर्माण कृष्णयश द्वारा करवाया गया था। शिला पर उत्कीर्ण वह राजाज्ञा पायी गयी है-

(A) धर्मशाला में
(B) डल्हौजी में
(C) खजियार में
(D) मेकलियाडगंज

उत्तर- (C) खजियार में

26. चंबा के संदर्भ में निम्न में से क्या गलत है?
[HP Clerk-2013]

(A) विश्व प्रसिद्ध रूमाल
(B) भूरी सिंह संग्रहालय
(C) भूतनाथ मंदिर
(D) हाथों से बनी चप्पलें

उत्तर- (C) भूतनाथ मंदिर

27. ‘भटियात’ किस जिले में स्थित है?
[HP Computer Operator-2013]

(A) लाहौल-स्पीति
(B) किन्नौर
(C) चंबा
(D) सिरमौर

उत्तर- (C) चंबा

28. ‘चकली’ किस रियासत का प्रसिद्ध सिक्का था?
[HP Election Kanoongo-2013]
(A) चम्बा
(B) काँगड़ा
(C) सिरमौर
(D) कुल्लू
उत्तर- (A) चंबा

29. प्राचीन काल में चम्बा रियासत का मुख्यालय कहाँ था?
[Naib Tehsildar (Pre)-2008]

(A) पांगी
(B) चम्बा
(C) सलूणी
(D) ब्रह्मपुर

उत्तर- (D) ब्रह्मपुर

30. रियासत चम्बा के उस शासक का नाम क्या था, जिसने एक नाई को उसकी बेटी के प्रेमपाश में आबद्ध होने के कारण वजीर के पद पर नियुक्त कर दिया था?
[Naib Tehsildar (Pre)-2008]

(A) उदय सिंह
(B) लक्ष्मण सिंह
(C) श्याम सिंह
(D) उगार सिंह

उत्तर- (A) उदय सिंह

31. चम्बा शहर की नींव किसने रखी?
[HAS (Pre)-2007]

(A) रानी चम्पा-
(B) राजा चम्बेल सिंह
(C) साहिल वर्मन
(D) रवि वर्मन

उत्तर- (C) साहिल वर्मन

32. सन् 680 में चम्बा राज्य का शासक कौन था?
[HAS (Pre)-2007]

(A) जेठपाल
(B) मनु वर्मन (मेरू वर्मन)
(C) शैल वर्मन
(D) राजा ब्रह्मपाल

उत्तर- (B) मनु वर्मन (मेरू. वर्मन)

33. चम्बा के किस राजा ने पहली बार ‘वर्मन’ उपनाम को अपनाया?
[PGT (Pol. Science)-2010][HPETI-2009]

(A) आदित्य वर्मन
(B) वाली वर्मन
(C) दिवाकर वर्मन
(D) मेरू वर्मन

उत्तर- (A) आदित्य वर्मन

34. कश्मीर और चम्बा के मध्य उस व्यवस्था की किसने बात की जिसके द्वारा चम्बा को कश्मीर से स्वतन्त्र कर दिया गया?
[HAS (Pre)-2014]

(A) कर्नल लॉरेंस
(B) जॉर्ज रसेल
(C) डेविड औचतरलोनी
(D) कैप्टन जी. विर्च

उत्तर- (A) कर्नल लॉरेंस

35. चम्बा सेवक संघ की स्थापना किस वर्ष की गई थी?

(A) 1923 ई.
(B) 1936 ई.
(C) 1939 ई.
(D) 1945 ई.

उत्तर- (B) 1936 ई.

36. लार्ड कर्जन प्रथम बार चम्बा कब आये थे?

(B) 1895 ई.
(D) 1900 ई.
(A) 1893 ई.
(C) 1897 ई.

उत्तर- (D) 1900 ई.

37. वायसराय लॉर्ड मायो किस वर्ष प्रथम बार चम्बा आये थे?
(A) 1871 ई.
(B) 1873 ई.
(C) 1875 ई.
(D) 1900 ई.

उत्तर- (A) 1871 ई.

38. चम्बा के किस राजा ने ब्रह्मपुरा से राजधानी को चम्बा स्थानांतरित किया?
[HAS (Pre)-2017]

(A) मूसानवर्मन
(B) हंसवर्मन
(C) मेरूवर्मन
(D) साहिलवर्मन

उत्तर- (D) साहिलवर्मन

39. ‘दिवरी कोठी’ और ‘सैचू नाला पत्थर लेख (पांगी) किस राजा के शासन काल से संबंधित है?

(A) ललित वर्मन
(B) उदय वर्मन
(C) पृथ्वी वर्मन
(D) विजय वर्मन

उत्तर- (A) ललित वर्मन

40. नाड़ा (राजनगर) नामक महल का निर्माण किस राजा (चम्बा के) ने करवाया था?

(A) तेग सिंह
(B) उम्मेद सिंह
(C) राजा सिंह
(D) करतार सिंह

उत्तर- (B) उम्मेद सिंह

41. 18वीं शताब्दी के मध्य चम्बा रंगमहल की बुनियाद किसने रखी थी?

(A) उम्मेद सिंह
(B)- जोरावर सिंह
(C) कीर्ति सिंह
(D) करतार सिंह

उत्तर- (A) उम्मेद सिंह

42. चम्बा राज्य का अंतिम राजा कौन था?

(A) भूरी सिंह
(B) श्याम सिंह
(C) राम सिंह
(D) लक्ष्मण सिंह

उत्तर- (D) लक्ष्मण सिंह

43. लौह टिकरी चुराह (चम्बा) के पास पाया गया पत्थर लेख किस राजा से संबंधित है?

(A) ललित वर्मन
(B) जसाटा वर्मन
(C) पृथ्वीवर्मन
(D) मूसानवर्मन

उत्तर- (B) जसाटा वर्मन

44. चम्बा में कितनी विधानसभा सीटें हैं?

(A) 4
(B) 5
(C) 6
(D) 7

उत्तर- (B) 5

45. चम्बा जिले का जनसंख्या घनत्व (2011 में) कितना है?

(A) 63
(B) 80
(C) 81
(D) 23

उत्तर- (B) 80

46. चम्बा के किस राजा ने कुल्लू के राजा दातेश्वर पाल को एक लड़ाई में मार गिराया था?

(A) मेरुवर्मन
(B) साहिलवर्मन
(C) आदित्यवर्मन
(D) बलवर्मन

उत्तर- (A) मेरुवर्मन

47. चम्बा शहर में पानी आपूर्ति के लिए किस रानी ने बलिदान दिया था?

(A) चम्पावती
(B) नैना देवी
(C) त्रिभुवन रेखा देवी
(D) रेखा देवी

उत्तर- (B) नैना देवी

48. चम्बा के किस राजा ने वर्मन के स्थान पर ‘सिंह’ शब्द का प्रयोग शुरू किया।

(A) गणेशवर्मन
(B) प्रतापवर्मन
(C) विजयवर्मन
(D) पृथ्वीवर्मन

उत्तर- (A) गणेशवर्मन

49. चम्बा के राजा भूरी सिंह का उत्तराधिकारी कौन बना?

(A) श्री सिंह
(B) राम सिंह
(C) श्याम सिंह
(D) रूप सिंह

उत्तर- (B) राम सिंह

50. चम्बा के किस राजा ने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजों की सहायता की थी?

(A) भूरी सिंह
(B) श्याम सिंह
(C) रूप सिंह
(D) राम सिंह

उत्तर- (A) भूरी सिंह

51. लक्कड़ शाह ब्राह्मण किस राजा के समय चम्बा में प्रसिद्ध हुआ?

(A) श्री सिंह
(B) उम्मेद सिंह
(C) राम सिंह
(D) श्याम सिंह

उत्तर- (A) श्री सिंह

52. किस वर्ष राजा भूरी सिंह ने गद्दी संभाली?

(A) 1880
(B) 1894
(C) 1904
(D) 1936

उत्तर- (C) 1904

53. चम्बा जिले का कुल क्षेत्रफल 6528 वर्ग किमी. है जो कि हिमाचल प्रदेश के कुल क्षेत्रफल का……प्रतिशत है?

(A) 6.2%
(B) 11.72%
(C) 10.31%
(D) 13.73%

उत्तर- (B) 11.72%

 

54. चम्बा में अन्तिम बार सती प्रथा का पालन 1844 ई. में किया गया जब राजा …….. की मृत्यु हुई थी?

(A) जोरावर सिंह
(B) श्री सिंह
(C) चरहट सिंह
(D) गोविंद सिंह

उत्तर- (C) चरहट सिंह

55. चम्बा के राजा उम्मेद सिंह की मृत्यु किस स्थान पर हुई थी?

(A) भरमौर
(B) पांगी
(C) ज्वालामुखी
(D) हमीरपुर

उत्तर- (C) ज्वालामुखी

56. तिब्बतियों के आक्रमण के समय चम्बा का राजा कौन था?

(A) साहिल वर्मन
(B) लक्ष्मी वर्मन
(C) मूसान वर्मन
(D) आदित्य वर्मन

उत्तर- (B) लक्ष्मी वर्मन

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